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    ब्लॉग/सोसाइटी डिफॉल्टर नोटिस: धारा 101 या 154B-29? (2026)
    English·मराठी·हिंदी
    उपनियम और अनुपालन8 मिनट का लेख

    महाराष्ट्र की हाउसिंग सोसाइटी में डिफॉल्टर को नोटिस: धारा 154B-29 और 12% ब्याज सीमा

    ज्यादातर गाइड अब भी 21% ब्याज पर धारा 101 का नोटिस भेजने को कहते हैं। हाउसिंग सोसाइटी के लिए दोनों पुराने पड़ चुके हैं। अब नोटिस में क्या होना चाहिए, अपनाने लायक फॉर्मेट और उसके बाद के कदम।

    YR

    Yogesh Randive

    संस्थापक, SocietyBee

    16 अक्टूबर 2026
    01

    नोटिस भेजिए, पर देख लीजिए उसमें क्या लिखा है

    एक सदस्य ने पांच महीने से मेंटेनेंस नहीं दिया है। सेक्रेटरी अकाउंटेंट को फोन करके पूछता है, क्या हम धारा 101 का नोटिस भेजें?

    2026 में काम का जवाब दो हिस्सों में है। हां, लिखित नोटिस भेजिए, क्योंकि आगे सब कुछ उसी पर टिका है। लेकिन आप जो धारा लिखते हैं और जो ब्याज लगाते हैं, दोनों बदल चुके हैं, और पुराने टेम्पलेट पर बना नोटिस बाद में आपकी वसूली की अर्जी को कमजोर कर सकता है।

    02

    धारा 101 या धारा 154B-29: कौन सी लागू होती है

    कई लेख अब भी महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 1960 की धारा 101 बताते हैं। 2019 में हाउसिंग सोसाइटियों को अपने अलग प्रावधान मिलने से पहले यही आम रास्ता था। को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के लिए सोसाइटी के बकाया की वसूली अब धारा 154B-29 के तहत चलती है।

    18 जून 2026 को अधिसूचित महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटीज (संशोधन) नियम, 2026 इसकी पुष्टि करते हैं। ये हाउसिंग सोसाइटियों के लिए अलग अध्याय जोड़ते हैं, और नियम 106C-14 धारा 154B-29 के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया बताता है।

    लोग अब भी 101 इसलिए कहते हैं कि पुराने बायलॉज, मॉडल नोटिस और छपी सामग्री हाउसिंग अध्याय से पहले की है। अगर आपकी सोसाइटी का नोटिस टेम्पलेट धारा 101 लिखता है, तो उसे अपडेट करें। गलत धारा लिखना अपने आप में घातक न हो, पर सदस्य को आसान आपत्ति थमा देता है।

    03

    डिफॉल्टर को नोटिस में क्या होना चाहिए

    कानून कोई एक अनिवार्य फॉर्मेट तय नहीं करता। जरूरी यह है कि वह साफ लिखित मांग हो जिसे आप बाद में रिकवरी की अर्जी के साथ लगा सकें। नियम 106C-14 सोसाइटी के नोटिस की प्रति को फाइल किए जाने वाले दस्तावेजों में गिनाता है, यानी नोटिस सबूत है, औपचारिकता नहीं। अच्छे नोटिस में ये बातें होती हैं:

    • सदस्य का नाम, फ्लैट नंबर और जिस अवधि का बकाया है।
    • मूलधन और ब्याज अलग-अलग, मद के अनुसार: मेंटेनेंस, सिंकिंग फंड, रिपेयर फंड, पार्किंग वगैरह।
    • ब्याज की दर और आधार, उस जनरल बॉडी रेजोल्यूशन के साथ जिसने उसे तय किया।
    • भुगतान की साफ आखिरी तारीख और भुगतान का तरीका।
    • साफ बयान कि भुगतान न होने पर सोसाइटी धारा 154B-29 के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट के लिए रजिस्ट्रार के पास अर्जी देगी।
    • जारी करने की तारीख और तामील का सबूत: रजिस्टर्ड पोस्ट, पावती के साथ हाथों-हाथ डिलीवरी, या सदस्य के रजिस्टर्ड ईमेल और WhatsApp नंबर पर डिलीवरी का रिकॉर्ड।
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    04

    मांग को बिल से जोड़कर रखें

    जो लेजर एंट्री सदस्य तक कभी पहुंची ही नहीं, वह किसी भी फाइल की सबसे कमजोर कड़ी है। नोटिस की हर रकम उस बिल तक पहुंचनी चाहिए जो भेजा गया था, भेजने की तारीख के साथ। अगर आपको पक्का नहीं कि एक्ट आपके मामले में बकाया और डिफॉल्टर को कैसे परिभाषित करता है, तो नोटिस भेजने से पहले अपने ऑडिटर या कानूनी सलाहकार से शब्दावली पक्की करा लें।

    05

    बकाया पर ब्याज: 12% की सीमा

    सालों तक आम जवाब रहा, जनरल बॉडी द्वारा तय 21% वार्षिक तक साधारण ब्याज। कई सोसाइटी ब्लॉग अब भी यही कहते हैं।

    2026 के नियमों का नियम 106C-12 इसे बदल देता है। बकाया शुल्क पर ब्याज जनरल बॉडी द्वारा तय दर से लगेगा, अधिकतम 12% वार्षिक साधारण ब्याज की सीमा के साथ। तीन व्यावहारिक बातें:

    • अगर आपका बायलॉज या पिछली AGM का रेजोल्यूशन अब भी 21% कहता है, तो उसे जनरल बॉडी में वापस ले जाएं और सीमा के भीतर दर तय करें।
    • आपका बिलिंग सिस्टम चक्रवृद्धि ब्याज न लगाए और नए नियमों के तहत आने वाले बकाया पर पुरानी दर न लगाए। अगले बिल रन से पहले जांच लें कि ब्याज कैसे निकल रहा है।
    • रिकवरी की अर्जी के लिए साधारण ब्याज मंजूर करने वाला प्रमाणित रेजोल्यूशन चाहिए। जो रेजोल्यूशन आप लगाएं वह नोटिस में मांगी गई रकम से मेल खाए।
    06

    डिफॉल्टर को नोटिस का नमूना (अपने बायलॉज के अनुसार ढालें)

    इसे शुरुआती ढांचे की तरह इस्तेमाल करें, और भेजने से पहले अंतिम शब्दावली अपने ऑडिटर या कानूनी सलाहकार से अपने रजिस्टर्ड बायलॉज के साथ जांच लें।

    [सोसाइटी का नाम] को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लि. पंजीकरण क्रमांक [___]। पता [___]। दिनांक: [___]। संदर्भ: [___]।

    प्रति, श्री/श्रीमती [सदस्य का नाम], फ्लैट नं. [___]।

    विषय: सोसाइटी के बकाया के भुगतान हेतु नोटिस।

    महोदय/महोदया, सोसाइटी के रिकॉर्ड के अनुसार [तारीख] तक फ्लैट नं. [___] पर नीचे दिया बकाया है। हर मद के लिए अवधि, मूलधन रुपयों में और ब्याज रुपयों में दिखाएं: मेंटेनेंस या सर्विस चार्ज, सिंकिंग फंड, रिपेयर और मेंटेनेंस फंड और अन्य मंजूर शुल्क, फिर कुल।

    ब्याज जनरल बॉडी के दिनांक [___] के रेजोल्यूशन द्वारा तय [__]% वार्षिक दर से साधारण ब्याज के रूप में, हर बिल की देय तारीख से [तारीख] तक गिना गया है।

    आपसे अनुरोध है कि इस नोटिस के मिलने के [__] दिन के भीतर कुल ₹[___] का भुगतान [भुगतान का तरीका और बैंक विवरण] से करें।

    इस अवधि में बकाया न चुकाया गया तो सोसाइटी महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 1960 की धारा 154B-29 के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट के लिए रजिस्ट्रार, को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के पास अर्जी देगी, और कानून द्वारा अनुमत ब्याज व खर्च का दावा करेगी।

    अगर आप किसी प्रविष्टि पर विवाद करते हैं, तो कृपया [__] दिन के भीतर ब्योरे के साथ सेक्रेटरी को लिखें ताकि उसकी जांच हो सके।

    भवदीय, सेक्रेटरी, [सोसाइटी का नाम]। [रजिस्टर्ड पोस्ट / हाथों-हाथ / ईमेल और WhatsApp] से [तारीख] को भेजा गया।

    ICAI की वेस्टर्न इंडिया रीजनल काउंसिल द्वारा प्रसारित प्रैक्टिशनर टेम्पलेट पहला, दूसरा और अंतिम नोटिस इस्तेमाल करते हैं, हर एक में भुगतान की तय अवधि के साथ। यह अच्छी प्रथा है, कानूनी जरूरत नहीं, पर इससे साफ रिकॉर्ड बनता है।

    07

    नोटिस के बाद: Form Y-6 से रिकवरी सर्टिफिकेट तक

    सदस्य भुगतान न करे तो मैनेजिंग कमेटी रिकवरी शुरू करने का रेजोल्यूशन पास करती है। नियम 106C-14 के तहत प्रक्रिया इस तरह चलती है:

    • रजिस्ट्रार के पास ₹100 कोर्ट फीस के साथ Form Y-6 दाखिल करें। मांगा गया बकाया बताएं और यह भी कि विपक्षी सदस्य है या गैर-सदस्य।
    • दस्तावेज लगाएं: प्राधिकार पत्र, प्रमाणित अद्यतन खाता या पर्सनल लेजर, शुल्कों को मंजूर करने वाला प्रमाणित रेजोल्यूशन, साधारण ब्याज मंजूर करने वाला प्रमाणित रेजोल्यूशन, फीस जमा का सबूत और सोसाइटी के नोटिस की प्रति।
    • खामियां जल्दी ठीक करें। रजिस्ट्रार खामियां सुधारने के लिए 7 दिन दे सकता है, और चूकने पर अर्जी खारिज हो सकती है।
    • रजिस्ट्रार पंजीकरण के 15 दिन के भीतर विपक्षी को नोटिस देकर लिखित जवाब मांगता है।
    • सुनवाई और आदेश। नियम कहते हैं कि पहली सुनवाई से 3 महीने के भीतर फैसला करने का हर प्रयास होना चाहिए। उसके बाद कारण सहित आदेश आता है, और दावा सफल हो तो Form Y-7 में रिकवरी सर्टिफिकेट मिलता है।
    • प्रवर्तन। सर्टिफिकेट की वसूली भू-राजस्व के बकाया की तरह होती है। धारा 154 के तहत पुनरीक्षण हो सकता है, और सर्टिफिकेट को दीवानी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।
    08

    वे गलतियां जो रिकवरी की अर्जी को कमजोर करती हैं

    ये नियम 106C-14 की दस्तावेज सूची से निकले व्यावहारिक बिंदु हैं, अलग कानूनी नियम नहीं:

    • दावा की गई रकम के पीछे कोई बिल या लिखित मांग न होना।
    • नोटिस में ब्याज जनरल बॉडी रेजोल्यूशन से ज्यादा, या 12% सीमा से ऊपर।
    • ऐसा लेजर जो प्रमाणित नहीं है, या भेजे गए बिलों से मेल नहीं खाता।
    • रिकवरी को अधिकृत करने वाला मैनेजिंग कमेटी का रेजोल्यूशन न होना।
    • ऐसा नोटिस जिसकी तामील साबित नहीं की जा सकती।
    • पार्किंग, मरम्मत या जुर्माने के विवाद को रिकवरी की मांग के साथ मिला देना। गड़बड़ फाइल देरी को न्योता देती है।
    09

    जनवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या कहा

    जनवरी 2026 में तय अस्पंदियार रशीद ईरानी बनाम पसायदान को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लि. में बॉम्बे हाईकोर्ट ने धारा 154B-29 के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट को दी गई चुनौतियां खारिज कीं। सेक्रेटरी और अकाउंटेंट के लिए तीन बातें मायने रखती हैं।

    पहली, कोर्ट ने कहा कि धारा 154B-29 कोई परिसीमा अवधि तय नहीं करती, और सोसाइटी के बकाया को निरंतर दायित्व माना। दूसरी, उसने कहा कि सोसाइटी का बकाया फ्लैट और उसके कब्जे से जुड़ता है, इसलिए मालिकाना या हैसियत बदलने पर दायित्व खत्म नहीं होता। तीसरी, बायलॉज द्वारा तय 21% ब्याज दर पर उसने नोट किया कि याचिकाकर्ताओं ने ऐसी कोई वैधानिक सीमा नहीं दिखाई जिसे पार किया गया हो। 2026 के नियम अब आगे के लिए वह सीमा 12% पर तय करते हैं।

    इसे इंतजार का कारण न मानें। पुराने बकाया का दस्तावेजीकरण कठिन होता है, और सदस्य व कमेटियां बदलती रहती हैं। जल्दी और साफ रिकॉर्ड के साथ फाइल करें। हमने फैसले पर पुराने मेंटेनेंस बकाया वाली पोस्ट में ज्यादा विस्तार से लिखा है।

    10

    आपकी कमेटी को अभी क्या करना चाहिए

    अपना नोटिस टेम्पलेट अपडेट करें ताकि उसमें धारा 154B-29 लिखी हो और मूलधन व ब्याज अलग दिखें। जांचें कि ब्याज पर आपका जनरल बॉडी रेजोल्यूशन 12% के भीतर साधारण ब्याज का है। हर नोटिस तामील के सबूत के साथ सदस्य की फाइल में रखा जाए।

    नोटिस और Form Y-6 की फाइल उतनी ही मजबूत है जितना उसके पीछे का लेजर। अगर आपका सदस्य-वार लेजर, बिल और ब्याज एक सिस्टम में हैं, तो आपके बताए आंकड़े किसी बिल और भुगतान की तारीख तक पहुंचाए जा सकते हैं, और मैनेजिंग कमेटी के आगे बढ़ने का फैसला करते ही आपकी फाइल तैयार होती है।

    FAQ

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    क्या रिकवरी से पहले डिफॉल्टर को नोटिस अनिवार्य है?

    नियम 106C-14 के अनुसार सोसाइटी को रिकवरी की अर्जी के साथ अपने जारी नोटिस की प्रति फाइल करनी होती है। व्यवहार में लिखित नोटिस को अनिवार्य ही मानें।

    हाउसिंग सोसाइटी के लिए धारा 101 है या धारा 154B-29?

    को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के लिए बकाया की वसूली अब धारा 154B-29 के तहत चलती है, जिसकी प्रक्रिया 2026 के नियमों के नियम 106C-14 में है। धारा 101 हाउसिंग अध्याय से पहले लिखे पुराने टेम्पलेट और लेखों में दिखती है।

    देर से मेंटेनेंस पर सोसाइटी अधिकतम कितना ब्याज ले सकती है?

    2026 के नियमों के नियम 106C-12 के तहत ब्याज जनरल बॉडी द्वारा तय दर पर लगता है, अधिकतम 12% वार्षिक साधारण ब्याज की सीमा के साथ।

    क्या सोसाइटी डिफॉल्टर का पानी या बिजली काट सकती है?

    बेहतर है कि न काटें। इस विषय की टिप्पणियां आमतौर पर कहती हैं कि हाउसिंग सोसाइटी सिर्फ मेंटेनेंस न चुकाने पर वैध रूप से पानी की आपूर्ति नहीं काट सकती। इसके बजाय रिकवरी प्रक्रिया अपनाएं, और ऐसा कोई कदम उठाने से पहले कानूनी सलाह लें।

    क्या पुराने बकाया की वसूली की कोई समय सीमा है?

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने जनवरी 2026 में कहा कि धारा 154B-29 कोई परिसीमा अवधि तय नहीं करती, और बकाया को निरंतर दायित्व माना। देरी से दावा साबित करना फिर भी कठिन हो सकता है, इसलिए जल्दी कार्रवाई करें।

    Form Y-6 और Form Y-7 क्या हैं?

    Form Y-6 रिकवरी सर्टिफिकेट के लिए रजिस्ट्रार के पास सोसाइटी की अर्जी है। Form Y-7 खुद रिकवरी सर्टिफिकेट है।

    SocietyBee में देखें

    • बिलिंग और इनवॉइसिंग
    • रिपोर्ट्स और अनुपालन

    आधिकारिक और संदर्भ स्रोत

    • Maharashtra overhauls co-operative housing society rules, TaxGuru
    • Sample recovery notices, ICAI Western India Regional Council
    • Aspandiar Rashid Irani v. Pasayadan Co-operative Housing Society Ltd., judgment, Raw Law
    शेयर करें:WhatsAppLinkedIn
    YR

    Yogesh Randive

    संस्थापक, SocietyBee

    योगेश ने मुंबई की हाउसिंग सोसाइटियों को एक्सेल में हिसाब-किताब संभालने में मदद करते हुए कई साल बिताए, उसके बाद SocietyBee बनाया। वे महाराष्ट्र सहकारी कानून, सोसाइटी अकाउंटिंग और भारत में हाउसिंग सोसाइटी चलाने की व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में लिखते हैं।

    इस लेख में

    1. नोटिस भेजिए, पर देख लीजिए उसमें क्या लिखा है
    2. धारा 101 या धारा 154B-29: कौन सी लागू होती है
    3. डिफॉल्टर को नोटिस में क्या होना चाहिए
    4. मांग को बिल से जोड़कर रखें
    5. बकाया पर ब्याज: 12% की सीमा
    6. डिफॉल्टर को नोटिस का नमूना (अपने बायलॉज के अनुसार ढालें)
    7. नोटिस के बाद: Form Y-6 से रिकवरी सर्टिफिकेट तक
    8. वे गलतियां जो रिकवरी की अर्जी को कमजोर करती हैं
    9. जनवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या कहा
    10. आपकी कमेटी को अभी क्या करना चाहिए
    11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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